"How much money do you earn from your writings?", some times in social gatherings, I've been asked this question. And when I reply that I write only because I like it, few folks have advised me to spend time in a more 'useful' way, i. e. doing something that generates monetary outcome.
This poem is about my inability to follow that suggestion. Please note that the term मोल can be used for value but in lines below I am using it for monetary value only.
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मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
कुछ कविताएं सी लिखता हूँ
कभी बातें हज़ार मैं करता हूँ
मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
उनका व्यापार मैं करता हूँ
कुछ कविताएं सी लिखता हूँ
कभी बातें हज़ार मैं करता हूँ
मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
कभी मुँह अँधेरे उठ कर चढ़ते सूरज को देखने जाता हूँ
कभी नदी की कल कल से
खुद को एकसार मैं करता हूँ
मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
कभी नदी की कल कल से
खुद को एकसार मैं करता हूँ
मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
फिल्मो के गाने और सीन
बातों में ले आता हूँ
छठी क्लास में पढ़ी कविताए
अब भी चाव से सुनाता हूँ
(मुंशी )प्रेमचंद के पात्रों जैसा भी
बातों में ले आता हूँ
छठी क्लास में पढ़ी कविताए
अब भी चाव से सुनाता हूँ
(मुंशी )प्रेमचंद के पात्रों जैसा भी
कभी व्याहवार मैं करता हूँ
मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
कहते हैँ दाल गजब बनाता हूँ
पीछे आंगन में सब्ज़ीया उगाता हूँ
छोटी छोटी बातें याद रखता हूँ
सबको कभी याद भी करवाता हूँ
बोलता हूँ कभी ऐसी बातें कि
खुद मज़ाक बन जाता हूँ
पैसे वाली समझ नहीं है मुझमें
भावों से व्यहवार मैं करता हूँ
मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
कहते हैँ दाल गजब बनाता हूँ
पीछे आंगन में सब्ज़ीया उगाता हूँ
छोटी छोटी बातें याद रखता हूँ
सबको कभी याद भी करवाता हूँ
बोलता हूँ कभी ऐसी बातें कि
खुद मज़ाक बन जाता हूँ
पैसे वाली समझ नहीं है मुझमें
भावों से व्यहवार मैं करता हूँ
और
मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
काम में मेहनत, सच, शराफत
बस यही समझ में आते हैं
चतुराई से सहयोग बड़ा है
कुछ ऐसा प्रचार मैं करता हूँ
मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
बस यही समझ में आते हैं
चतुराई से सहयोग बड़ा है
कुछ ऐसा प्रचार मैं करता हूँ
मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
भोली माँ का कमसमझ बेटा
इतनी पहचान ही काफी है
इसी पहचान पे अपने मन में
घमंड सौ बार मैं करता हूँ
मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
इतनी पहचान ही काफी है
इसी पहचान पे अपने मन में
घमंड सौ बार मैं करता हूँ
मोल नहीं कुछ जिन चीज़ों का
उनका व्यापार मैं करता हूँ
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