You may know this about me. This probably is my most obvious aspect. Just restating that through these lines.. I hope when you read the last line you may remember when I told you that.....
Also here is the audio link if you prefer to hear
कहानियां हैं
कुछ पढ़ी हुई कुछ सुनी हुई
कुछ पढ़ी सुनी के बीच
मन में ही बुनी हुई
मन सच्चा है सच्चाई से बुनता है
कुछ रोना, कुछ हंसना, कुछ बातें
अच्छी भी बुरी भी, पर चुनी हुई है
कहानियां हैं
कुछ पढ़ी हुई कुछ सुनी हुई
कुछ पढ़ी सुनी के बीच
मन में ही बुनी हुई
मन सच्चा है सच्चाई से बुनता है
कुछ रोना, कुछ हंसना, कुछ बातें
अच्छी भी बुरी भी, पर चुनी हुई है
कहानियां हैं
कुछ पढ़ी हुई कुछ सुनी हुई
कुछ पढ़ी सुनी के बीच
मन में ही बुनी हुई
तुम जानते तो हो मुझे फिर भी पूछते हो?
मैं कहानियों में ही जीता हूं, यह तो मानते हो
मुझे लगता है
कहानियां ही इंसानियत की असल रू होती है
तुम सही मानो या गलत यह तुम पर छोड़ा
पर मेरी कहानी तो यही से शुरू होती है



हर पल की एक कहानी है
ReplyDeleteपल जोड़ दो तो एक ज़िंदगानी है
सही कहा विजय भाई
DeleteI totally agree with you. Stories define us whether they are good or bad. They have made us who we are .
ReplyDeleteThanks Archana
DeleteMay the spark of "मेरी कहानी तो यही से शुरू होती है" line live forever for us 😊 IYKYK 😁
ReplyDeleteExactly 🙂
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