Nuances of Being
Monday, July 9, 2012
सपना और उधेष्य
सपने वैकल्पिक हो सकते है
उधेष्य अनिवार्य हुआ करता है
सपना उधेष्य जब बन जाये तो
उसका विकल्प नहीं होता |
हो चाहे जैसी भी राह
विश्वास वही जो थमना न जाने
अनदेखे कल से डर, हो जड़
जो
वो संकल्प नहीं होता ||
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