Nuances of Being
Sunday, June 19, 2022
खोखले ?
"खुद ही खाली हो तुम
किसी को क्या दे पाओगे?"
ऐसा सुना सुना के हमारे
खालीपन की जब हंसी हुई
आंखे झुका, हम मुस्कुराये
दबी आवाज़ हलके से बोले,
"लकड़ी जो खोखली लगती थी,आखिर
वही तो बांसुरी हुई"
🙏
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